Digital Computer क्या है? (इतिहास, प्रकार और कार्य) - पूरी जानकारी ।

आज के इस आधुनिक युग में हम जिस डिवाइस का सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं वह असल में एक Digital Computer ही है। चाहे वह आपका स्मार्टफोन हो, लैपटॉप हो या डेस्कटॉप हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तकनीकी रूप से Digital Computer क्या है?, इसका विकास कैसे हुआ, यह कैसे काम करता है इसके कितने प्रकार होते हैं।
इस लेख में हम digital computer से जुड़ी हर एक जानकारी को आसान भाषा में समझेंगे।

Digital Computer


Digital Computer क्या है?

Digital Computer एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो सभी प्रकार के डाटा (इमेज, ऑडियो, वीडियो, text आदि) को Binary Form में प्रोसेस करता है। सरल शब्दों में कहें तो कंप्यूटर को हमारी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) समझ में नहीं आती वह सिर्फ और सिर्फ बाइनरी भाषा (0 1 की भाषा) समझता है। इसलिए ये हमारे द्वारा दिए गए इनपुट को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स (0 1) में बदलता है फिर उसे प्रोसेस करके हमें आउटपुट (रिजल्ट) देता है।

Digital computer का विकास

Digital Computer जिस उन्नत रूप में आज हमारे सामने है, वह एक लंबी और सतत तकनीकी प्रगति का परिणाम है। इसके विकास को मुख्यतः चार महत्वपूर्ण चरणों में समझा जा सकता है -

यांत्रिक शुरुआत -  19 वी शताब्दी में चार्ल्स बैबेज के द्वारा एनालिटिकल इंजन का आविष्कार किया गया। यह दुनिया का पहला ऐसा डिजाइन था जिसमें मेमोरी और प्रोसेसिंग की क्षमता थी। और यही आगे चलकर आज के आधुनिक Digital Computer का आधार बना। इसलिए चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। इसके बाद जॉर्ज बूले ने 0 और 1 (बाइनरी भाषा) का सिद्धांत दिया जो आज के हर डिजिटल कंप्यूटर की भाषा है।

इलेक्ट्रॉनिक युग और ENIAC - बिजली से चलने वाले डिजिटल कंप्यूटरों की शुरुआत 1940 के दशक में हुई। 1946 में बना ENIAC दुनिया का पहला ऐसा कंप्यूटर था जो पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक था । किंतु उस समय वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल होने के कारण कंप्यूटर एक बड़े कमरे जितना जगह घेरते थें।

आकार में बदलाव -
1950 और 60 के दशक में तकनीकी क्रांति आई और बड़ी वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांज़िस्टर और इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) ने ले ली। इसका परिणाम यह हुआ कि कंप्यूटर का आकार एक कमरे से सिमटकर एक मेज़ पर आ गया और काम करने की गति भी बढ़ गई।

माइक्रोप्रोसेसर -
1970 के बाद माइक्रोप्रोसेसर का आविष्कार किया गया जो जिसने दुनियां बदल दी। एक छोटी सी चिप पर कंप्यूटर का पूरा दिमाग फिट हो गया जिससे पर्सनल कंप्यूटर का जन्म हुआ । इसी विकास के कारण आज हमारे हाथ में स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप जैसे डिवाइस है जो पुराने समय के कंप्यूटर से ज्यादा तेज और स्मार्ट है।

Digital Computer कैसे काम करता है -

Digital Computer के काम करने के मुख्य 5 चरण होते हैं।

  • इनपुट - जब आप कीबोर्ड पर कुछ टाइप करते हैं, माउस से क्लिक करते हैं या फिर हार्ड डिस्क में पड़े किसी फाइल को ओपन करने का कमांड कंप्यूटर को देते हैं तो उसे इनपुट कहा जाता है। कंप्यूटर को यहां निर्देश मिलता है कि उसे क्या करना है।
  • लोडिंग - CPU कभी भी सीधे आपके हार्ड डिस्क या स्टोरेज से डेटा नहीं उठाता। हार्ड डिस्क में डाटा परमानेंट पड़ा रहता है लेकिन वह सीपीयू के काम करने के लिए बहुत धीमी होती है। इसलिए जैसे ही आप किसी फाइल पर क्लिक करते हैं वह डाटा हार्ड डिस्क से कॉपी होकर मेमोरी (RAM) में लोड होता है। कंप्यूटर का नियम है जो डाटा RAM में है सीपीयू केवल उसी पर काम करेगा ।
  • प्रोसेसिंग - जब डेटा RAM में आ जाता है, तब CPU (Central Processing Unit) अपना काम शुरू करता है। CPU के अंदर भी दो लोग काम करते हैं
  1. CU - यह RAM से डेटा उठाता है और चेक करता है कि इस पर क्या काम करना है। यह खुद काम नहीं करता, बल्कि निर्देश देता है।
  2. ALU - यह CU के कहने पर यह सारी गणनाएं करता है।
  • रिजल्ट - प्रोसेसिंग पूरा होने के बाद, रिजल्ट तुरंत स्क्रीन पर नहीं आता। ALU उस रिजल्ट को वापस मेमोरी (RAM) में भेज देता है ।
  • आउटपुट - अंत में जो रिजल्ट ram में आता है व आउटपुट के थ्रू दिखता है अगर वह कोई वीडियो या फोटो है, तो वह मॉनिटर (Screen) पर दिखता है। अगर आप उसे सेव करते हैं, तो वह RAM से निकलकर वापस हार्ड डिस्क में चला जाता है।

Digital Computer के कितने भाग होते हैं -

किसी भी Digital Computer को काम करने के लिए हार्डवेयर के कई हिस्सों की जरूरत होती है जो मिलकर एक टीम की तरह काम करते हैं इन मुख्य भागों को हम चार श्रेणियों में बाटते हैं
  • इनपुट डिवाइस - इसकी सहायता से हम कंप्यूटर को निर्देश देते हैं। जैसे कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन आदि।
  • सीपीयू - CPU इनपुट डिवाइस के द्वारा दिए गए निर्देश पर काम करता है। इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है। इसमें ALU (कैलकुलेशन करने के लिए) व CU (कंट्रोल के लिए) होते हैं।
  • मेमोरी -
  1. RAM - अस्थायी मेमोरी जो प्रोग्राम चलाते समय काम आती है।
  2. ROM - यह एक स्थायी मेमोरी है।
  3. स्टोरेज - हार्ड डिस्क या SSD डेटा सेव करने के लिए।
  • आउटपुट डिवाइस - जो भी काम होता है वो यहां दिखाई देता है। जैसे मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर आदि।

Digital Computer के विशेषताएं -

उच्च गति - डिजिटल कंप्यूटर बहुत तेज गति से काम करता है। यह लाखों-करोड़ों गणनाओं को पलक झपकते ही, यानी नैनो-सेकंड में हल कर सकता है। जिस काम को करने में इंसान को कई दिनों का समय लग सकता है। कंप्यूटर उसे कुछ सेकंड में कर देता है।

सटीकता -
कंप्यूटर कभी गलती नहीं करता। यह 100% शुद्धता (Accuracy) के साथ परिणाम देता है। अगर कभी रिजल्ट में गलती होती है, तो उसका कारण कंप्यूटर नहीं बल्कि यूजर द्वारा दिया गया गलत इनपुट होता है। इसे तकनीकी भाषा में GIGO (Garbage In Garbage Out) कहा जाता है।

कर्मठता - इंसानों की तरह कंप्यूटर कभी थकता नहीं है और न ही उसका ध्यान भटकता है। कंप्यूटर बिना रुके 24 घंटे और 365 दिन लगातार एक ही गति और सटीकता के साथ काम कर सकता है।

विशाल भंडारण क्षमता -
कंप्यूटर में डेटा स्टोर करने की बहुत बड़ी क्षमता होती है। यह अपनी मेमोरी (HDD/SSD) में सालों तक भारी मात्रा में दस्तावेज़, फोटो, वीडियो और सॉफ्टवेयर सुरक्षित रख सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध करा सकता है।

विश्वसनीयता -
चूंकि कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों से बना होता है और इसमें भावनाएं नहीं होतीं, इसलिए यह लंबे समय तक विश्वसनीय परिणाम देता है। यह पुरानी यादें या डेटा कभी नहीं भूलता (जब तक कि डिलीट न किया जाए)।

Digital Computer के कितने प्रकार होते हैं -

आकार, गति और काम करने की क्षमता के आधार पर Digital Computer के 4 प्रकार होते हैं -

माइक्रो कम्प्यूटर -
यह तकनीकी रूप से सबसे कम क्षमता वाला कंप्यूटर है जिसका उपयोग हम घरों और ऑफिस में करते हैं। इसमें एक माइक्रोप्रोसेसर लगा होता है। जैसे, डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन आदि ।

मिनी कंप्यूटर -
इस कंप्यूटर का आकार माइक्रो कंप्यूटर जैसा ही होता किंतु कार्यक्षमता माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होती है। इसका उपयोग छोटी कंपनियां सर्वर के रूप में करती हैं जहां एक साथ कई लोग काम कर सकें।

मेनफ्रेम कंप्यूटर -
यह कंप्यूटर बहुत शक्तिशाली होते हैं अर्थात् इनकी भंडारण क्षमता व गति माइक्रो कंप्यूटर व मिनी कंप्यूटर की तुलना में बहुत अधिक होती है। इस कंप्यूटर का प्रयोग नेटवर्किंग के लिए किया जाता है।

सुपर कंप्यूटर - यह दुनिया का सबसे तेज और शक्तिशाली कंप्यूटर है। इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम की भविष्यवाणी और परमाणु ऊर्जा शोध में किया जाता है।

Digital computer के प्रयोग -

गणना करना - Digital Computer का सबसे महत्वपूर्ण व बेसिक काम है गणना करना। यह बड़ी से बड़ी संख्याओं का गणना कुछ ही सेकेंड में कर सकता है। दुकानों में बिल बनाने और ऑफिस में सैलरी का हिसाब किताब रखने के लिए इसका ही प्रयोग किया जाता है।

डाटा स्टोर करने में - हम कंप्यूटर में अपनी जरूरी फाइल्स, फोटो, वीडियो और गानों को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं, और कंप्यूटर में फाइलों को ढूंढना कागज़ों के ढूंढने के मुकाबले बेहद ही आसान होता है।

दस्तावेज तैयार करने में -
कंप्यूटर का प्रयोग लेटर लिखने, रिज्यूम बनाना, किसी प्रोजेक्ट पे काम करना या साफ़ सुथरे डॉक्यूमेंट बनाना आदि कामों में करते हैं।

सूचना खोजना और संचार - कंप्यूटर हमें दुनिया से जोड़ता है इंटरनेट के जरिए हम किसी भी सवाल का जवाब ढूंढ सकते हैं, Digital Computer ईमेल भेजने का सबसे तेज और डिजिटल तरीका है।

मनोरंजन - काम के अलावा हम डिजिटल कंप्यूटर का उपयोग मनोरंजन में भी कर सकते हैं जैसे, फिल्म देखना, गाने सुनना, ऑनलाइन गेम खेलना आदि।
 

FAQ -

Q.1 Digital Computer से आप क्या समझते हैं?
Ans. Digital computer एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो हमारे द्वारा दिए गए सभी प्रकार के डाटा इमेज, वीडियो, ऑडियो text आदि को बाइनरी भाषा में प्रोसेस करता है। फिर उस पर काम करके हमें हमारी भाषा में आउटपुट या रिजल्ट देता है।

Q.2 डिजिटल कंप्यूटर कौन सी भाषा समझता है?

Ans. Digital computer बाइनरी भाषा (0 1 की भाषा) समझता है

Q.3 विश्व का पहला डिजिटल कंप्यूटर कौन सा है?

Ans. विश्व का पहला डिजिटल कंप्यूटर ENIAC (इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर) है जिसका आविष्कार 1946 में जे. पी. एकर्ट और जॉन मौचली ने किया।

Q.4 डिजिटल कंप्यूटर के 4 उदाहरण कौन से हैं?

Ans. (1) डेस्कटॉप/ पर्सनल कंप्यूटर (2) लैपटॉप (3) स्मार्टफोन (4) डिजिटल घड़ी।

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